Monday, January 21, 2008

Kholo Kholo (Open open) from Taare Zameen Par (2007)

Following the previous song, here is one more song from the same movie. The title of the song is Kholo kholo (Open open in Hindi). Following are the details of the song:

Album: Taare Zameen Par (2007)
Singer: Shankar Mahadevan,
Dominique Cerejo, Vivienne
Lyricist: Prasoon Joshi
Music: Shankar Mahadevan, Ehsaan Noorani, Loy Mendonca
Following are the beautiful lyrics (Hindi), written by Prasoon Joshi:

खोलो खोलो दरवाज़े,
परदे करो किनारे,
खुटे से बंधी है हवा,
मिल के छुडाओ सारे...

आजाओ पतंग लेके,
अपने ही रंग लेके,
आसमाँ का शामियाना,
आज हमे है सजाना...

क्यों इस कदर... हैरान तू?
मौसम का है... मेहमान तू...
दुनिया सजी... तेरे लिए...
खुद को ज़रा... पेह्चान तू...

तू धुप है... छम से बिखर।
तू है नदी... ओ बेखबर।
बेह चल कहीं। उड़ चल कहीं।
दिल खुश जहाँ... तेरी तो मंजिल है वहीं...

क्यों इस कदर... हैरान तू?
मौसम का है... मेहमान तू...

बासी ज़िंदगी उदासी,
ताजी हँसने को राज़ी,
गरमा गरम सारी,
अभी अभी है उतारी।

ओ... ज़िंदगी तो है बताशा
मीठी मीठी सी है आशा
चख ले रख ले
हथेली से ढक ले इसे।

तुझ में अगर... प्यास है।
बारिश का घर... भी पास है।
ओ... रोके तुझे... कोई क्यों भला
संग संग तेरे... आकाश है।

तू धुप है... छम से बिखर
तू है नदी... बेखबर
बेह चल कहींउड़ चल कहीं
दिल खुश जहाँ... तेरी तो मंजिल है वहीं...

खुल गया... आसमाँ का रास्ता देखो खुल गया...
मिल गया... खो गया था जो सितारा मिल गया...

रोशन हुई... सारी ज़मीं...
जगमग हुआ... सारा जहाँ...
ओ... उड़ने को तू... आजाद है...
बंधन कोई... अब है कहाँ?

तू धुप है... छम से बिखर
तू है नदी... बेखबर
बेह चल कहींउड़ चल कहीं
दिल खुश जहाँ... तेरी तो मंजिल है वहीं...

ओ... क्यों इस कदर... हैरान तू?
मौसम का है... मेहमान तू...

No comments:

Post a Comment